जानें साइंस के ऐसे 7 रहस्य
आज हम आपको विज्ञान के कुछ ऐसे ही रहस्यों के बारे में बताएंगे, जो काफी रोचक हैं।
Amazing Facts:- विज्ञान
एक ऐसा विषय है, जिसका रहस्य आज भी बरकरार है। इस विषय पर जितना रिसर्च
किया जाता है, उतना ही जिज्ञासा बढ़ती जाती है। इस विषय को लोग सीखते और
खोजते हैं, अपने दिमाग को परखने और नए रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए।
लेकिन कभी कभी हम विभिन्न विचारों और सोच में फंस जाते हैं और अपने मन को
इस उलझन की स्थिति से निकालने के लिए हमें कुछ अलग सोचने की जरूरत होती है।
1. हवाई हर साल अलास्का के करीब 7.5 सेमी बढ़ रहा है
यह टेक्टोनिक प्लेटों के कारण होता है जो निरंतर गति में होती हैं, जो उनके नीचे उठने और गिरने वाली धाराओं द्वारा संचालित होती हैं। हवाई प्रशांत प्लेट के केंद्र में रहता है और हर साल इस निरंतर गति के कारण, हवाई धीरे-धीरे और लगातार उत्तरी अमेरिकी मंच पर वापस अलास्का की ओर बढ़ रहा है।
यह टेक्टोनिक प्लेटों के कारण होता है जो निरंतर गति में होती हैं, जो उनके नीचे उठने और गिरने वाली धाराओं द्वारा संचालित होती हैं। हवाई प्रशांत प्लेट के केंद्र में रहता है और हर साल इस निरंतर गति के कारण, हवाई धीरे-धीरे और लगातार उत्तरी अमेरिकी मंच पर वापस अलास्का की ओर बढ़ रहा है।
हैरान कर देने वाले रोचक तथ्य – Amazing Fact
2. बिना सिर के कॉकरोच एक सप्ताह तक जीवित रह सकता है
कॉकरोच अपनी मेहनत के लिए प्रसिद्ध होते हैं। इनका परिसंचरण तंत्र (circulatory system) खुला होता है, इसलिए ये वे अपने शरीर के प्रत्येक खंड में स्थित छोटे छिद्रों से सांस लेते हैं, वे सांस लेने के लिए मुंह या सिर पर निर्भर नहीं होते हैं। इसलिए कॉकरोच एक सप्ताह या इससे अधिक दिनों तक जिंदा रह सकता है। कॉकरोच केवल इसलिए मरता है क्योंकि मुंह के बिना वह पानी नहीं पी सकता और प्यास से मर जाता है।
3. पानी में नमक डालने पर पानी का स्तर नीचे हो जाता है
विज्ञान के अनुसार जब एक गिलास पानी में मुट्ठी भर नमक डाला जाता है तो गिलास में पानी का आयतन 2% तक कम हो जाता है। इसका कारण यह है कि जब पानी में नमक मिलाया जाता है तो पानी के विलायक अणु (Solvent Molecule) विखंडित आयन के आस-पास के क्षेत्र में अधिक सुव्यवस्थित हो जाते हैं।
2. बिना सिर के कॉकरोच एक सप्ताह तक जीवित रह सकता है
कॉकरोच अपनी मेहनत के लिए प्रसिद्ध होते हैं। इनका परिसंचरण तंत्र (circulatory system) खुला होता है, इसलिए ये वे अपने शरीर के प्रत्येक खंड में स्थित छोटे छिद्रों से सांस लेते हैं, वे सांस लेने के लिए मुंह या सिर पर निर्भर नहीं होते हैं। इसलिए कॉकरोच एक सप्ताह या इससे अधिक दिनों तक जिंदा रह सकता है। कॉकरोच केवल इसलिए मरता है क्योंकि मुंह के बिना वह पानी नहीं पी सकता और प्यास से मर जाता है।
3. पानी में नमक डालने पर पानी का स्तर नीचे हो जाता है
विज्ञान के अनुसार जब एक गिलास पानी में मुट्ठी भर नमक डाला जाता है तो गिलास में पानी का आयतन 2% तक कम हो जाता है। इसका कारण यह है कि जब पानी में नमक मिलाया जाता है तो पानी के विलायक अणु (Solvent Molecule) विखंडित आयन के आस-पास के क्षेत्र में अधिक सुव्यवस्थित हो जाते हैं।
4. पानी के संपर्क में आने पर कुछ धातुओं में विस्फोट होता है
यह एक सच्चाई है कि जब कुछ धातुएं हवा के संपर्क में आती हैं तो तुरंत ही ऑक्सीकृत (Oxidized) हो जाती हैं क्योंकि ये धातुएं अत्यधिक क्रियाशील होती हैं। इन धातुओं में सोडियम, पोटेशियम, लिथियम, रूबिडीयाम और सीज़ियम प्रमुख हैं और इन धातुओं को जब पानी में डाला जाता है तो विस्फोट होता है। हम जानते हैं कि ये सभी क्षार धातुएं (alkali metals) हैं और इनके बाहरी कक्षा में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है जिसके कारण वे आसानी से इस इलेक्ट्रॉन का त्याग कर अन्य धातुओं के साथ बंधन (bond) बना लेते हैं। इसलिए ये धातुएं प्रकृति में स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में नहीं होती हैं।
5. क्या आपको पता है कि डीएनए एक अग्निरोधी भी है
रिसर्च में पता चला है कि जब DNA से सूती कपड़ो की कोटिंग की जाती है तो DNA में पाए जाने वाले आनुवंशिकता संबंधी तत्व कपड़े की ज्वलनशीलता को कम कर देते हैं। इसका कारण DNA में मौजूद फॉस्फेट है जो गर्म होने पर फॉस्फोरिक अम्ल का निर्माण करता है, जो पानी को प्रतिस्थापित कर एक अग्निरोधी पदार्थ की तरह कार्य करता है। वास्तव में DNA में मौजूद नाइट्रोजन अमोनिया का उत्पादन करता है जो कि दहन को रोकता है।
यह एक सच्चाई है कि जब कुछ धातुएं हवा के संपर्क में आती हैं तो तुरंत ही ऑक्सीकृत (Oxidized) हो जाती हैं क्योंकि ये धातुएं अत्यधिक क्रियाशील होती हैं। इन धातुओं में सोडियम, पोटेशियम, लिथियम, रूबिडीयाम और सीज़ियम प्रमुख हैं और इन धातुओं को जब पानी में डाला जाता है तो विस्फोट होता है। हम जानते हैं कि ये सभी क्षार धातुएं (alkali metals) हैं और इनके बाहरी कक्षा में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है जिसके कारण वे आसानी से इस इलेक्ट्रॉन का त्याग कर अन्य धातुओं के साथ बंधन (bond) बना लेते हैं। इसलिए ये धातुएं प्रकृति में स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में नहीं होती हैं।
5. क्या आपको पता है कि डीएनए एक अग्निरोधी भी है
रिसर्च में पता चला है कि जब DNA से सूती कपड़ो की कोटिंग की जाती है तो DNA में पाए जाने वाले आनुवंशिकता संबंधी तत्व कपड़े की ज्वलनशीलता को कम कर देते हैं। इसका कारण DNA में मौजूद फॉस्फेट है जो गर्म होने पर फॉस्फोरिक अम्ल का निर्माण करता है, जो पानी को प्रतिस्थापित कर एक अग्निरोधी पदार्थ की तरह कार्य करता है। वास्तव में DNA में मौजूद नाइट्रोजन अमोनिया का उत्पादन करता है जो कि दहन को रोकता है।
6. सोते समय हमें गंध का पता नहीं चलता है
ब्राउन विश्वविद्यालय (Brown University) के रिसर्चर ने 2004 में 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के 3 स्वस्थ पुरुषों और 3 स्वस्थ महिलाओं के ऊपर एक परीक्षण किया। जिसमें पाया गया कि सभी लोग तेज शोर के कारण एक झटके में जाग गए, लेकिन गंध का उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। जिसमें यह साबित होता है कि जब हम सो रहे होते हैं तो हमें गंध का पता नहीं चलता है।
7. इसलिए चमकती है बिजली और गरजते हैं बादल
बारिश के दौरान बादल में उपस्थित पानी के छोटे-छोटे कण वायु की रगड़ के कारण आवेशित हो जाते हैं। कुछ बादलों पर धनात्मक आवेश (positive charge) आ जाता है और कुछ पर ऋणात्मक आवेश (negative charge) । जब एक धनात्मक आवेशित बादल ऋणात्मक आवेशित बादल के पास पहुंचता है तो उनके बीच में लाखों वोल्ट का विद्युत विभवांतर पैदा हो जाता है। इतने अधिक विभवान्तर के कारण इनके बीच की वायु में विद्युत धारा बहने लगती है। इससे ही प्रकाश की एक रेखा पैदा होती है। उसे हम बिजली का चमकना कहते हैं। विद्युत धारा के कारण बहुत अधिक गर्मी पैदा होती है। जिससे वायु एकदम फैलती है। अचानक फैलाव के कारण वायु के असंख्य अणु एक दूसरे से टकराते हैं इनके टकराने से पैदा हुई आवाज से ही गरजना होती है।
ब्राउन विश्वविद्यालय (Brown University) के रिसर्चर ने 2004 में 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के 3 स्वस्थ पुरुषों और 3 स्वस्थ महिलाओं के ऊपर एक परीक्षण किया। जिसमें पाया गया कि सभी लोग तेज शोर के कारण एक झटके में जाग गए, लेकिन गंध का उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। जिसमें यह साबित होता है कि जब हम सो रहे होते हैं तो हमें गंध का पता नहीं चलता है।
7. इसलिए चमकती है बिजली और गरजते हैं बादल
बारिश के दौरान बादल में उपस्थित पानी के छोटे-छोटे कण वायु की रगड़ के कारण आवेशित हो जाते हैं। कुछ बादलों पर धनात्मक आवेश (positive charge) आ जाता है और कुछ पर ऋणात्मक आवेश (negative charge) । जब एक धनात्मक आवेशित बादल ऋणात्मक आवेशित बादल के पास पहुंचता है तो उनके बीच में लाखों वोल्ट का विद्युत विभवांतर पैदा हो जाता है। इतने अधिक विभवान्तर के कारण इनके बीच की वायु में विद्युत धारा बहने लगती है। इससे ही प्रकाश की एक रेखा पैदा होती है। उसे हम बिजली का चमकना कहते हैं। विद्युत धारा के कारण बहुत अधिक गर्मी पैदा होती है। जिससे वायु एकदम फैलती है। अचानक फैलाव के कारण वायु के असंख्य अणु एक दूसरे से टकराते हैं इनके टकराने से पैदा हुई आवाज से ही गरजना होती है।
.png)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें